केंद्रीय आयुष मंत्री स्वत्रन्त्र प्रभार श्री प्रतापराव जाधव की अध्यक्षता में दिनांक 15.12.25 को पार्लियामेंट एनेक्सी, नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की दूसरी बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान औषधीय पौधों की खेती को किसानों के सशक्तिकरण और जैव विविधता संरक्षण का एक प्रभावी साधन बताते हुए इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति ने इस दिशा में नीतिगत समर्थन, अनुसंधान एवं विकास, तथा प्रशिक्षण एवं विपणन नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाने पर बल दिया।
औषधीय पौधों की वैज्ञानिक खेती न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर सकती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के संवर्धन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि देशभर में औषधीय पौधों के लिये कृषि मंत्रालय व कृषि विज्ञान केंद्रों के साथ मिलकर, गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और बाज़ार से सीधे जोड़ने की विशेष योजना को और मज़बूत किया जाए, ताकि छोटे और सीमांत किसान भी इसका लाभ उठा सकें।
औषधीय पादपों की योजनाबद्ध खेती न केवल आयुष औषधि उद्योग के लिए स्थायी कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण को भी मजबूती प्रदान करती है।
इस अवसर पर माननीय सांसद श्री नागेश बापूराव पाटील- आष्टीकर, श्री सदानंद एम एस तंवड़े, श्री निलेश धनवाडे लंके ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये।
इस समिति की मीटिंग में आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित आयुष मंत्रालय के NMPB सहित 25 वरिष्ठ अधिकारियो ने बैठक में भाग लिया।
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